Sunday, December 28, 2025

मेरे साथी - सात निभाना

वादा तो जिंदगी भर सात रहने का था

हर पल, हर कदम, हर मोड़ पर रिश्ते को निभाने का था

महीने भर टीक से सात नहीं रह सकेंगे
कभी ऐसा सोचा तो नहीं था

वादा करके मुकर जाए
ऐसा फितरत मेरा कभी ना था

No comments:

Post a Comment