Friday, December 12, 2025

रूठना - मनाना

बड़ी मुश्किल से दिल को सम्हाला है

टूटी दिल के टुकडों को - बिखरने से बचाके रखा है

तुम जो रूठ जाओगी मुझसे इस तरह तो - मनाना इतना आसान थोड़े ही है

अब नजाने कब होगी आपकी होठोंपे मुस्कान -
बस इसी बात मुझे इन्तजार है

No comments:

Post a Comment