Sunday, December 28, 2025

मेरे साथी - सात निभाना

वादा तो जिंदगी भर सात रहने का था

हर पल, हर कदम, हर मोड़ पर रिश्ते को निभाने का था

महीने भर टीक से सात नहीं रह सकेंगे
कभी ऐसा सोचा तो नहीं था

वादा करके मुकर जाए
ऐसा फितरत मेरा कभी ना था

Thursday, December 18, 2025

असमंजस

मैं तुम्हें खो नहीं सकता
पर तुम्हें पा भी तो नही सकता
गले लगाने को दिल करता
पर कहने से मेरा जियरा डरता

Friday, December 12, 2025

रूठना - मनाना

बड़ी मुश्किल से दिल को सम्हाला है

टूटी दिल के टुकडों को - बिखरने से बचाके रखा है

तुम जो रूठ जाओगी मुझसे इस तरह तो - मनाना इतना आसान थोड़े ही है

अब नजाने कब होगी आपकी होठोंपे मुस्कान -
बस इसी बात मुझे इन्तजार है