Saturday, November 29, 2025

इश्क हैं जी इश्क

तुम नहीं आती हो
पर तुम्हारी याद - ज़रूर आता है
ना मुझे चैन मिलती है
और ना ही मेरे दिल को करार होता है

ना दिन गुज़रता है
ना रात कटती थी हैं
करवटें बदलते रहते हैं
इश्क जो हम, तुमसे करते हैं